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information item Pujyashri Acharyas at Tirumala temple - 6 Jan. 2017
information itemShrimatam camp is presently at Tirupati - Sri Kanchi Kamakoti Paduka Mandapam, near Alipiri (from 15 Dec. 2016 to 18 Jan. 2017)
information item  श्री काँची कामकोटि पीठम - हिन्दी में समाचार
information item Book on Kamakshi Ambal Temple - Call for photos
information item 23rd Aradhana Mahotsavam performed - 25 Dec. 2016
information item His Holiness at Krishna Samudra Sangamam- 8 Dec. 2016
information item Visit to Gayatri Temple, Avanigadda- 7 Dec. 2016
information item Acharyas' visit to Avanigadda- 7 Dec. 2016
information item Visit to Shiva temple at Kakinada & visit to Iragavaram- 3 Dec. 2016
information item  Parvatamalai Girivalam - 16 Dec. 2016
information item Visit to Sarpavaram Temple - 3 Dec. 2016
information item Community Hall Inaugurated at Olapalli- 2 Dec. 2016
information item Visit to Ancient Shiva Temple at Olapalli- 2 Dec. 2016
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समाचार 

१८ जनवरी से २३ जनवरी २०१७ तक श्रीमटम् कैंप कालहस्ती मे रहेगा-
श्रीमटम् कैंप ,जो अभी अलिपिरी ,तिरुपती मे स्थित है ,१८ से २३ जनवरी २०१७ को श्री कालहस्ती क्षेत्र मे रहेगा।दोनो पूज्यश्री आचार्य कालहस्ती मे रहेंगे एवं कालहस्ती मन्दिर के निकट स्थित पूजा मण्डप मे नित्य पूजा करेंगे। उसके पश्चात् श्रद्देय स्वामीजी २३ जनवरी २०१७ को श्रीमटम् ,काँचीपुरम वापस आयेंगे ।

गो रक्षा
श्रद्देय पूज्यश्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती महास्वामिगल द्वारा गो रक्षा पर १२ जनवरी १९३३ को दी गयी उपदेश http://www.kamakoti.org/kamakoti/articles/Go-Samrakshana-Cow-Protection-Discourse.html

पोंगल त्योहार
http://www.kamakoti.org/tamil/KKPradeep17.htm

८ जनवरी २०१७ ,वैकुण्ठ एकादशी के दिन पैलर- राम मंदिर की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने पैलर शहर के अन्दर स्थित श्री राम मंदिर के नवीकरण को आशीर्वाद दिया।यह मंदिर सरकारी स्कूल / डिग्री कालेज के निकट स्थित है और यही पर पूज्यश्री आचार्य १९८३/८४ मे ठहरे थे।

१४ जनवरी २०१७ को श्रद्देय स्वामीजी तिरुचानूर मंदिर गये
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी , १४ जनवरी ,प्रात:काल को तिरुचानूर के श्री पद्मावती अम्मावारु मंदिर गये एवं पूजा किये।

१४ जनवरी २०१७, मकर शंकरान्ती को श्रद्देय स्वामीजी तिरुपती के कपीलेश्वरस्वामी मंदिर गये-
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी तिरुपती के कपिलतीर्थम मे स्थित श्री कपीलेश्वरस्वामी मंदिर गये।वहाँ उन्होने मकर शंकरान्ती के शुभ अवसर पर श्री कामाक्षी अम्बाल समेत श्री कपीलेश्वरस्वामी की प्रार्थना की।

८ जनवरी २०१७ को वैकुण्ठ एकादशी के अवसर पर वेंकटेश्वरस्वामी की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री स्वामीजी वेंकटेश्वरस्वामी मंदिर स्वामीजी के मंदिर की यात्रा की।यह मंदिर पैलर के बाहर,पैलर - कड़प्पा हाईवे मे एक छोटे से पहाड़ी पर स्थित है।विशेष आरती किया गया।काँची आचार्य के आशीर्वाद से कुछ वक़्त पूर्व इस मंदिर का कुंभाभिषेक किया गया था।यह वही रास्ता है जिसमे १९८३-८४ को काँची परमाचार्या ,श्री पेरियवा एवं श्री बाल पेरियवा काँची से करनूल गये थे। श्रद्देय स्वामीजी ने मंदिर के सामने स्थित ,एक कल्यान मन्डप का उद्घाटन किया। उन्होने सबको आशीर्वाद दिया एवं अनुग्रह भाषण दिया।

१४ जनवरी २०१६ को मकर शंकरान्ती की पूजा
मकर शंकरान्ती के शुभ अवसर पर तिरुपती मे श्रीमटम् कैंप मे श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने आज पूजा किया।आज धनुर मास का पूजा समाप्त हुआ।आज ही उत्तरायण प्रारंभ हुआ है

६ जनवरी २०१७ को दोनो पूज्यश्री आचार्य तिरुमला मंदिर गये-
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,तिरुमला श्री वेंकटेश्वरस्वामी मंदिर गये।मंदिर के पुजारी एवं प्राधिकारियो ने श्रद्देय स्वामीजी का पारंपरिक रूप से स्वागत किया। मंदिर तक का जुलूस मंगलवाद्य एवं हाथी के साथ गया।मंदिर के द्वार के निकट स्थित आंजनेय सन्निधि मे प्रार्थना करने के पश्चात् श्रद्देय स्वामीजी ने मुख्य मंदिर मे प्रार्थना किया।श्रद्देय स्वामीजी ने श्री वेंकटेश्वरस्वामी का चमर सेवा पूजा किया।श्रद्देय स्वामीजी को मंदिर की ओर से सम्मानित किया गया।श्रद्देय स्वामीजी के साथ भक्तजनों ने भी श्री वेंकटेश्वरस्वामी का दर्शन किया।

श्रद्देय स्वामीजी ने अम्बाल एवं गुरू के प्रवचन को आशीर्वाद दिया-
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने तिरुपती के श्री सामवेद शनमुग शर्मा के प्रवचन को आशीर्वाद दिया।यह प्रवचन मुख पँचाष्टी , कामाक्षी वैभव एवं जगत्गुरू कटाक्षम् पर था।

श्रद्देय स्वामीजी ने तिरुमला ३१ दिसंबर २०१६ को नाद नीरांजनम् कार्यक्रम को आशीर्वाद दिया-
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने तिरुमला मे नाद नीरांजनम् कार्यक्रम को आशीर्वाद दिया। श्री शंकर विद्यालय ,ईस्ट ताम्बरम् के छात्रों द्वारा श्री जयेन्द्र विजयम् नामक नृत्य नाटिका प्रस्तुत किया गया।श्रद्देय स्वामीजी ने प्रतिभागियों एवं दर्शकों को आशीर्वाद दिया। इससे पहले श्रद्देय स्वामीजी ने तिरुमला के श्री वेंकटेश्वर स्वामी के उत्सव मे भाग लिया।

४ जनवरी २०१७ को श्री काँची अंबाल मंदिर ,कुम्भाभिषेक - आशीर्वाद की प्रार्थना
श्रीकार्यम ,स्तानीकों एवं अन्य भक्तजनों ने श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर ,काँचीपुरम मे ९ फरवरी को होने वाली कुम्भाभिषेक के पत्रिका को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के आशीर्वाद के लिये प्रस्तुत किया।श्रीमटम् कैंप ,अभी पादुका मण्डप ,तिरुपती मे है। श्रद्देय स्वामीजी को मंदिर का प्रदान प्रदान किया गया।

श्रीमठम् मे २०१७ जनवरी महीने मे होने वाली विशेष पूजाएँ
८ जनवरी- रविवार- वैकुण्ठ एकादशी १० जनवरी - मंगलवार- प्रदोष पूजा ११ जनवरी - बुधवार - आरुद्रा अभिषेक ,पूर्णिमा पूजा १३ जनवरी - शुक्रवार- भोगी १४ जनवरी - शनिवार - मकर शंकरान्ती ,पोंगल,दनुर्मास पूजा की समाप्ति २५ जनवरी - बुधवार - प्रदोष पूजा ६,१३,२०,२७ जनवरी - शुक्रवार पूजा

श्री कामाक्षी मंदिर पर पुस्तक - तस्वीरों के लिये अनुरोध
श्री कामाक्षी मंदिर पर एक पुस्तक प्रकाशित करने की योजना है।इस विशय मे ,सभी भक्तजनों से मंदिर के विशय मे उप्लब्द तस्वीरें एवं प्रासंगिक सामग्रियों को एकत्रित किया जा रहा है।भक्तजन जिनके पास एसी तस्वीरें एवं अन्य सामग्री है , उनसे अनुरोध है कि kamakshidevasthanam@gmail.com मे योगदान करें।

८ दिसंबर २०१६ को बोप्पाडु ग्राम की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,प्रात: काल ८ बजे बोप्पाडु ग्राम पहुँचे और उसके पश्चात् चेन्ना केशवा स्वामी मंदिर को अनुग्रहित किया।यह ग्राम विजयवाडा-ओंगोल के नेशनल हाईवे से २ कि मी की दूरी पर स्थित है और विजयवाडा से १०० कि मी पर है।इस ग्राम मे प्रसिद्द श्री वेंकटेश्वरस्वामी मंदिर है। श्रद्देय स्वामीजी श्री चेन्ना केशव मंदिर गये । अनुग्रह भाषण के पश्चात् ,श्रद्देय स्वामीजी बोप्पाडु से ७५ कि मी पर स्थित ओंगोल के लिये निकल पड़े।

२५ दिसंबर २०१६ को आराधना महोत्सव
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के दिव्य उपस्तिथी मे श्रद्देय पूज्यश्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती महास्वामिगल का आराधना महोत्सव ,२५ दिसंबर को मनाया गया।

८ दिसंबर २०१६ को श्रद्देय स्वामीजी ने ललिता पीठम् को अनुग्रहित किया
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने विजयवाडा - गुन्टूर हाइवे मे स्थित ललिता पीठम् को अनुग्रहित किया।विशेष आरती किया गया।श्रद्देय स्वामीजी ने अनुग्रह भाषण दिया एवं ओंगोल के रास्ते मे स्थित बोपाडु ग्राम गये।

२३ दिसंबर २०१६ को तिरुमला की यात्रा
२३ दिसंबर २०१६ को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,तिरुमला मे वेंकटेश्वरस्वामी मंदिर गये।श्रीमटम् कैंप ,अभी श्री काँची कामकोटी पादुका मण्डप ,रामकृष्ण मार्ग, अलिपिरी, तिरुपती मे है।

८ दिसंबर २०१६ को तेनाली की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी विजयवाडा से तेनाली शहर गये।श्रद्देय स्वामीजी शिवालयम् गये एवं भक्तजनों को अनुग्रह भाषण दिया। उसके पश्चात् श्रद्देय स्वामीजी विजयवाडा - गुन्टूर नेशनल हाईवे मे स्थित लीला पीठम् गये।

श्रद्देय स्वामीजी का ८ दिसंबर २०१६ को कृष्ण समुद्र संगम की यात्रा
प्रात:काल को श्रद्देय स्वामीजी ,हँसलादीवी मे श्री वेनुगोपालस्वामी मंदिर गये।भक्तजन एवं अर्चकाओं ने पूर्णकुंभ से श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत किया।नैवैद्य एवं आरती के साथ श्री वेनुगोपालस्वामी अष्टोत्तरम् किया गया।यह बहुत ही प्राचीन मंदिर है जिसका उल्लेख श्री कृष्ण महात्म्य मे है।श्रद्देय स्वामीजी ,वहाँ के विभिन्न मूर्तियों को देखा। उसके पश्चात् श्रद्देय स्वामीजी शिवालयम् गये जो एक और प्राचीन मंदिर है जिसका उल्लेख श्री कृष्ण महात्म्यम् मे किया गया है। मंदिर यात्रा के पश्चात् ,श्रद्देय स्वामीजी ,हँसलादीवी से १० कि मी पर स्थित संगम गये । यह बहुत ही सुन्दर रास्ता था जिसके दोनो ओर दलदली भूमी थी।४ कि मी तक कोइ रोड नहीं है और बंगाल की खाड़ी के रेतीला तट पर ही जाना पड़ता है।स्थानीय लोगों का कहना है श्री मंडली बुद्ध प्रसादजी के प्रयास से ही यहा रोड एवं कुछ बिल्डिंगों बन पाई हैं। सूर्योदय के समय सब कृष्ण समुद्र संगम पहुँचे । वह स्थान बहुत ही शांत एवं सुन्दर था।यहाँ हाल ही मे कृष्ण पुष्कर के समय यात्रीगनों के लिये निर्मित कुछ बिल्डिंगे हैं।विभिन्न सूचना बोर्ड भक्तजनों को संगम की गहराई के विशय मे सूचित करता है।शुरुवाती ३ फ़ीट उथला क्षेत्र है ,उसके पश्चात् गहराई ३० से ५० फ़ीट तक पहुँच जाता है। श्रद्देय स्वामीजी ने स्नान से पहले कृष्ण नदी की विशेष पूजा की।वस्त्र ,स्वर्ण ,दक्षिना दान एवं अनुष्ठान किया।श्रद्देय स्वामीजी ने अनुष्ठान तीर्थ को कृष्ण नदी माता (जो संगम के तट पर हैं)पर छिड़का और विजयवाडा के लिये निकल पड़े।इन सब के वक़्त आन्द्र प्रदेश के डेप्यूटी स्पीकर श्री मण्डली बुद्ध प्रसाद साथ मे थे। इस दिन एक पूर्ति की भावना थी क्योंकि श्रद्देय स्वामीजी ने विजयवाडा मे चातुर्मास के समय कृष्ण नदी महात्म्यम् पर प्रवचन दिया था।कृष्न महात्म्यम् मे बताये गये कुछ स्थान देखे एवं संगम मे शास्त्रों के अनुसार सब किया गया।श्रद्देय स्वामीजी के प्रयास एवं अनुग्रह से ही कनक दुर्गा अम्मावारी देवस्थान मे कृष्ण पुष्कर के अवसर पर कृष्ण नदी महात्म्यम् को दुबारा प्रकाशित किया गया।कृष्ण नदी के विषय मे विभिन्न कहावतें एवं कलाकृतियों को श्रद्देय स्वामीजी के कहने पर प्रकाशित किया गया है।श्रद्देय स्वामीदी ने आन्द्र प्रदेश की यात्रा चातुर्मास मे कृष्ण पुष्कर के लिये प्रारंभ किया था, तब से लेकर अब तक श्रद्देय स्वामीजी ने कृष्ण ,गोदावरी ,विजयनगर जिले एवं एकादशी के दिन संगम मे स्नान किया है।

७ दिसंबर २०१६ को अवनीगदा मे गायत्री मंदिर की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,स्थानीय ब्राह्मण संगम द्वारा निर्मित श्री गायत्री मंदिर गये।विशेष आरती किया गये एवं श्रद्देय स्वामीजी ने अनुग्रह भाषण भी दिया। उसके पश्चात् श्रद्देय स्वामीजी कोडुरू से होते हुए हँसलादेवी गये। आन्द्र प्रदेश के डेप्टी स्पीकर श्री मण्डली बुद्ध प्रसाद भी साथ मे गये। हँसलादेवी ,कृष्ण - समुद्र स्नान से ८ से १० कि मी से पहले स्थित ,एक छोटा ग्राम है। इस ग्राम मे श्री वेनुगोपालस्वामी मंदिर एवं एक शिवालयम् है।इस ग्राम एवं इन मंदिरों का उल्लेख श्री कृष्ण महात्म्यम् मे है । श्री कृष्ण महात्म्यम् मे ,कृष्ण नदी की महाराष्ट्र के सह्याद्रि पर्वत से आरंभ होके हँसलादेवी के निकट बंगाल की खाड़ी से मेल का वर्णन है।

७ दिसंबर २०१६ को दोनो श्रद्देय स्वामीजी की अवनीगदा की यात्रा
७ दिसंबर २०१६ को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी अवनीगदा शहर गये। श्रद्देय स्वामीजी ,दोपहर को मछिलीपट्टनम् से निकले एवं चेल्लपल्ली शहर से ४० किमी पर स्थित अवनीगदा पहुँचे।श्री मन्डली बुद्ध प्रसाद ( आन्द्र प्रदेश के डिप्टी स्पीकर) के नेतृत्व मे भक्तजनों ने श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत किया।वे पहले कृष्ण घाट पहुँचे जहाँ उन्होने एक पट्टिका का उद्घाटन किया जो काँची परमाचार्य एवं पूज्य श्री पेरियवा के साठ के दशक के अंत मे यात्रा के स्मरण मे रखा गया था। तत्पश्चात् श्रद्देय स्वामीजी गाँधी टाउन हाल गये एवं श्री मण्डली बुद्ध प्रसाद के निवेदन पर वहाँ के स्थानीय लोगों द्वारा आयोजित कार्यक्रम को अनुग्रहित किया।श्रद्देय पेरियवा ने सबको आशीर्वाद दिया एवं श्री बाल पेरियवा ने अनुग्रह भाषण दिया। उसके बाद श्रद्देय स्वामीजी ने लंकम्मा मंदिर काम्प्लक्स के अन्दर स्थित मण्डप का उद्घाटन किया।श्रद्देय पेरियवा उसके बाद विजयवाडा मे कैंप की ओर प्रस्थान कर गये और श्री बाल पेरियवा अवनीगदा यात्रा के लिये निकल पड़े।

१६ दिसंबर २०१६ को पर्वतमलै गिरिवलम्
१६ दिसंबर २०१६ को पर्वतमलै गिरिवलम् https://www.youtube.com/watch?v=kLwRvMTyMVM

सर्पवारम् मंदिर की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,सर्पवारम् मे श्री भावनारायण स्वामी मंदिर गये जो काकीनाड़ा शहर के बाहर स्थित है।यह मंदिर एक प्राचीन क्षेत्र है । भगवान विष्णू ने श्री नारद महरिशी को यही पर आशीर्वाद दिया था जब उन्हें शाप से विमोचन मिला था।नारद महरिशी के अनुरोध पर भगवान श्री महा विश्णु ने भक्तजनों को आशीर्वाद देने के लिये वहीं आश्रय ले लिया । वहाँ मंदिर के सामने एक प्राचीन तालाब है जहाँ श्री नारद महरिशी ने स्नान किया था। इस मंदिर की विशेषता पटल नारायण स्वामी का मंदिर है जो मुख्य मंदिर के पीछे स्थित है। श्रद्देय स्वामीजी ,मंदिर के गोशाला भी गये।

२ दिसंबर २०१६ को गोलिंगेश्वर स्वामी मंदिर की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,ओलपल्ली ग्राम से ४ कि मी की दूरी पर स्थित बिक्कवोलू ग्राम के श्री गोलिंगेश्वर स्वामी मंदिर गये।यह बहुत ही प्राचीन मंदिर है जिसमें अति सुन्दर शिल्प एवं गोपुरम् है।यहाँ श्री गोलिंगेश्वर स्वामी ,पार्वती अम्मावारु एवं सुब्रमन्य स्वामी का मंदिर है।यह मंदिर सुब्रमन्य स्वामी क्षेत्र के लिये प्रसिद्द है। श्रद्देय स्वामीजी ने यहाँ पूजा एवं आरती किया। तत्पश्चात् श्रद्देय स्वामीजी काकीनाड़ा जाके पूजा किये।

काकीनाड़ा मे शिवा मंदिर एवं इरगवरम् मे वेद पाठशाला की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,काकीनाड़ा मे शिव मंदिर गये एवं वहाँ से ९० कि मी की दूरी पर स्थित तानुकु के लिये निकल पड़े। श्रद्देय स्वामीजी संध्याकाल ६.४५ को तानुकु पहुँचे। तत्पश्चात् श्रद्देय स्वामीजी ,इरगवरम् गये जो ८ कि मी पर स्थित एक प्राचीन अग्रहार है । श्रद्देय स्वामीजी ने एक नयी भवन के उद्घाटन को अनुग्रहित किया ,इस भवन को श्री काँची परमाचार्य का नाम दिया गया है जो श्री पेरियवा साथ आन्द्रा यात्रा के समय यहा आये थे । श्रद्देय स्वामीजी ने नये भवन को आशीर्वाद दिया। अद्यापक ,विद्यार्थी एवं दान कर्ताओ को इस अवसर पर सम्मानित किया गया।इसके पश्चात् श्रद्देय स्वामीजी यहा के प्राचीन शिव मंदिर गये और रात्रि तानुकु वापस आ गये। दिसंबर ४ तारिक को श्रद्देय स्वामीजी अई भीमावरम् के लिये निकल पड़े।

१५ दिसंबर से श्रीमटम् कैंप तिरुपती शंकर मटम् मे रहेगा-
अभी श्रीमटम् कैंप तिरुपती मे है।१४ संध्याकाल को दोनो पूज्यश्री आचार्य तिरुपती पहुँचे । श्रद्देय स्वामीजी नित्य चन्द्रँमौलीश्वर पूजा श्री काँची कामकोटी पीटम् पादुका मन्डप ,रामकृष्ण आश्रम रोड,अलिपिरी के निकट,तिरुपती मे करेंगे।

२ दिसंबर २०१६ को ओलपल्ली मे कम्यूनिटी हाल का उद्घाटन
ओलपल्ली ग्रास मे श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने एक कम्यूनिटी हाल के उद्घाटन समारोह को अनुग्रहित किया।इस हाल के मुख्य दानकर्ता श्री शंकरम दम्पतुल्लू ने श्रद्देय स्वीमीजी का पाद पूजा किया एवं श्रद्देय स्वामीजी का आशीर्वाद प्राप्त किया। http://in.kamakoti.org/kamakoti/news/2016/Shankaracharya-Community-Hall-Inauguration.html

२ दिसंबर २०१६ को ओलपल्ली मे प्राचीन शिव मंदिर की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजीस,२ दिसंबर २०१६ को ओलपल्ली ग्राम को अनुग्रहित किया।यह एक पुराना अग्रहार है जहाँ पर प्राचीन शिव मंदिरसगये।यह ग्राम काकीनाड़ा से २० कि मी की दूरी पर स्थित है। श्रद्देय स्वामीजी शिव मंदिर गये एवं वहाँ आरती किये।

१ दिसंबर २०१६ को पुरोहित संगम की भेंट
श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के आशीर्वाद से काकीनाड़ा शहर मे १ दिसंबर २०१६ को पुरोहितों का एक भेंट आयोजित किया गया।श्रद्देय स्वामीजी ने अनुग्रह भाषण दिया एवं धर्म एवं सनातन धर्म के लिये उनके सेवाओं को सराहा।लगभग ६० पुरोहितों के परिवार ने इसमे भाग लिया।श्रद्देय स्वामीजी ने सबको आशीर्वाद दिया एवं वेद सार संग्रहम् जैसी पुस्तकें वितरित की।

१ दिसंबर २०१६ को श्रद्देय स्वामीजी की गोशाला की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,काकीनाड़ा के गोशाला गये।इस गोशाला का निर्माण श्री चन्गती कोटीश्वर राव ने शांत वातावरण एवं नवीनतम् और प्राचीन तकनीकों के मेल से किया है।भक्तजनों के सहूलियत के लिये प्रदक्षिना मार्ग एवं घास प्रदान स्थान बनाया गया है।काँची परमाचार्या के लिये गोशाला मे पूजा मण्डप एवं ध्यान मन्दिर भी है।बछड़े के जन्म के लिये प्रसुतिक गृह ,इस गोशाला की विशेषता है।श्रद्देय स्वामीजी ने गायों को घास खिलाया। श्रद्देय स्वामीजी गोशाला के चारों ओर गये एवं उन्होने भक्तजनों को अनुग्रह भाषण भी दिया।श्रद्देय स्वामीजी ने श्री चगन्ती कोटीश्वर राव जी को सराहा और कहा की गो रक्षण के माद्यम् से वे काँची परमाचार्य को विशेष समर्पन प्रदान कर रहे है । http://www.kamakoti.org/kamakoti/articles/Go-Samrakshana-Cow-Protection-Discourse.html

१ दिसंबर २०१६ को श्रद्देय स्वामीजी ने डाक्टरों की बैठक को अनुग्रहित किया
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने काकीनाड़ा मे विशेष डाँक्टरो की बैठक को बाल अस्पताल मे अनुग्रहित किया।अपने ४० मिनट के अनुग्रह भाषण मे श्रद्देय स्वामीजी ने आरोग्य भारत एवं समस्त भारतीय नागरिकों के लिये उच्चतम् चिकित्सा की प्राप्ति के विषय पर ज़ोर दिया।

३० नवंबर २०१६ को विनायक मंदिर की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने काकीनाड़ा मे श्रीमटम् कैंप के निकट स्थित श्री विनायक मंदिर को अनुग्रहित किया।इस मंदिर का निर्माण कई वर्ष पहले श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के दिव्य आशीर्वाद से बनाया गया था।

३० नवंबर २०१६ को काकीनाड़ा
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,३० नवंबर २०१६ को समालकोट से काकीनाड़ा पहुँचे । भक्तजनों ने श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत छतरम्, छमारम् एवं अन्य परंपराओं से की।काकीनाड़ा कैंप के समय श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती स्वामीजी का स्वर्ण पाद पूजा किया गया था।

२९ नवंबर २०१६ को कुमाररामम् मे पँचराम क्षेत्र की यात्रा
२८ नवंबर २०१६ ,संध्याकाल को श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,कुमाररामम् -भीमेश्वर स्वामी मंदिर स्वामी मंदिर गये।यह स्थान एक प्रसिद्द पँचराम क्षेत्र है।श्रद्देय स्वामीजी ने भीमेश्वर स्वामी एवं बाल त्रिपुर सुन्दरी अम्मावारी मंदिरों मे विशेष पूजा किया। मंदिर के मुख्य अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों ने श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत किया। इससे पहले श्रद्देय स्वामीजी ने श्रीमटम् कैंप मे पाँचवे काल के कार्तिक सोमवार पूजा एवं एकादष रुद्र अभिषेक पूजा किया।

२९ नवंबर २०१६ को हनुमान एवं अम्मावारी मंदिर की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,२९ नवंबर २०१६ संध्याकाल को समालकोट मे आंजनेय स्वामी एवं अम्मावारी मंदिर गये।

२९ नवंबर २०१६ को कोलंका ग्राम की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वीमीजी ,अपने ,अमावस्य के दिन गोदावरी-समुद्र संगम स्नान के समय यानम के यात्रा के समय,कोलंक ग्राम गये।यह ग्राम यानम से ५ कि मी की दूरी पर स्थित है। वहाँ श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत बड़े ही उत्साह से अनेक ग्राम वासियों ने श्री पुलुगुरता व्यग्रेश्वरशर्मा जी ने साथ शिव मंदिर मे स्वागत किया।गाँव के बुज़ुर्गों ने सन् १९३० के उन दिनों के विषय मे बताया जब काँची परमाचार्या वहाँ पधारे थे। श्रद्देय पूज्यश्री स्वामीजी ने अनुग्रह भाषण दिया एवं वहाँ के वासियों को आशीर्वाद दिया तत्पश्चात् समालकोट मे श्रीमठम् कैंप की ओर प्रस्थान किया।

२९ नवंबर २०१६ को समालकोट मे आगमन
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,श्रीमटम् कैंप के साथ समालकोट मे श्री गणपति शास्त्री के निवास स्थान पर २९ नवंबर २०१६ ,प्रात:काल पहुँचे।श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत पूर्णकुंभ ,कोलाट्टम्,मंगल वाद्यम् इत्यादि के साथ पारंपरिक रूप से किया गया।

२६ नवंबर २०१६ को राजमुन्दरी मे शिव-पार्वती कल्यान उत्सव
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने राजमुन्दरी मे शिव पार्वती कल्यानोत्सवम् कार्यक्रम को आशीर्वाद दिया।

दीपोत्सव मे अनुग्रह भाषण
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने राजमुन्दरी मे दीपोत्सव कार्यक्रम को आशीर्वाद दिया। श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने भक्तजनों को अनुग्रह भाषण दिया। https://www.youtube.com/watch?v=B_PCBHvTuPY&feature=youtu.be

राजमुन्दरी मे दीपोत्सव
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने राजमुन्दरी मे दीपोत्सव कार्यक्रम को आशीर्वाद दिया। यह कार्यक्रम टी वी ५ द्वारा आयोजित किया जा रहा है। https://youtu.be/yg8gvM4kvyU?t=52s

२६ नवंबर २०१६ को अग्निहोत्र शाला की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने राजमुन्दरी के अग्नि गोत्र शाला को अनुग्रहित किया एवं अग्निहोत्री परिवार को आशीर्वाद दिया। श्री आदी शंकरा भगवद्पादाचार्य ने अपने श्लोक " सोपान पंचकम्" मे जन कल्यान के लिये ४० उपदेश दिये हैं जिसमें से प्रथम दो वेदों नित्यमदीयताम् तदुदितम् कर्म स्वनुष्तीयतम् मे है। इसका अर्थ है की मनुष्यों को प्रतिदिन वैदिक कार्य करना चाहिये । आज के काल मे श्री शंकरा के इस उपदेश का पालन अग्निहोत्रियों द्वारा किया जाता है। श्रद्देय स्वामीजी का विशेष रूप से मानना है की अग्निहोत्रियों द्वारा किये गये यग्यों का लाभ सभी के लिये है। इसलिये प्रतिवर्ष चातुर्मास मे अग्निहोत्र सदा का आयोजन किया जाता है।

२६ नवंबर २०१६ को शिवा विष्णू मंदिर की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने राजमुन्दरी के दीवान चेरुवु मे स्थित श्री शिवा विष्णू मंदिर की यात्रा की।श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत ,पारंपरिक पूर्णकुंभ से किया गया।सभी सन्निधियों मे दीपाराधना किया गया।

२६ नवंबर २०१६ को वल्लभ गणपति मंदिर की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने राजमुन्दरी के श्री वल्लभ गणपति मंदिर की यात्रा की।श्री सामवेद शनमुग शर्मा ने श्रद्देय स्वामीजी की मंदिर मे स्वागत की।

२६ नवंबर २०१६ को वेद पाठशाला की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने राजमुन्दरी के वेद पाठशाला को अनुग्रहित किया।श्रद्देय स्वामीजी ने विद्यार्थियो, भक्तों ,अद्यापको को अनुग्रह भाषण एवं आशीर्वाद दिया।

२५-२७ नवंबर २०१६ को राजमुन्दरी मे श्रीमठम् कैंप
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी , २५ से २७ नवंबर २०१६ तक रहे थे।

२५ दिसंबर २०१६ को सिकन्दराबाद मे आराधना महोत्सव
श्रद्देय पूज्यश्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती महास्वामिगल - श्री काँची कामकोटी पीठम् के ६८ वे आचार्य का आराधना महोत्सव २५ दिसंबर २०१६ को श्री काँची कामकोटी शंकर मंदिर हनुमान मंदिर ,स्कन्दगिरी ,सिकन्दराबाद मे मनाया जायेगा।

१७-२९ दिसंबर २०१६ को सिकन्दराबाद मे हनुमत्जयंती
श्री काँची कामकोटी शंकर मंदिर हनुमान मंदिर ,स्कन्दगिरी ,सिकन्दराबाद मे १७ से २९ दिसंबर २०१६ तक हनुमत् जयंती मनाया जायेगा। उत्सव का आरंभ ,१७ दिसंबर २०१६ को श्री गणपति लक्षारचना के साथ किया जायेगा एवं २९ दिसंबर को हनुमत् जयंती के दिन विशेष पूजाओं के साथ समाप्ति किया जायेगा।

२३-२५ दिसंबर २०१६ को श्रद्देय पूज्यश्री महास्वामीगल का २३वाँ आराधना महोत्सव
२५ दिसंबर २०१६ को श्रद्देय पूज्यश्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती महास्वामिगल- श्री काँची कामकोटी पीटम् के ६८ वे स्वामीजी ,का २३ वाँ आराधना महोत्सव ,श्रीमटम् के पवित्र वृन्दावन मे मनाया जायेगा।
 २३ दिसंबर २०१६ ,शुक्रवार को आराधना महोत्सव पेरारंभ होगा । इन सभी दिनों को वेद पारायण ,वेद विद्वत सदा,भजन एवं धार्मिक प्रवचनों का आयोजन किया गया है।
 आराधना के दिन(२५/१२/२०१६) को प्रात:काल ७ बजे से जन कल्याण के लिये एकादश रुद्र जाप एवं विशेष होम का आयोजन किया गया है। वृन्दावन मे दोपहर १२ से १ तक वसोरदरा,पूर्नाहूती एवं महाभिषेक किया जायेगा।सुबह ९ बजे पँचरत्न क्रिती प्रारंभ होगा। 
भक्तजनों से निवेदन है की इसमे भाग लेकर श्रद्देय स्वामीजी का आशीर्वाद प्राप्त करे।

दैवत्तिन कुरल
श्रद्देय स्वामीजी के आशीर्वाद से दैवत्तिन कुरल अब भक्तजनों द्वारा अंग्रेज़ी एवं तमिल के आडियो मे उप्लब्द है। http://www.kamakoti.org/kamakoti/audio/DeivattinKural/Deivattin-Kural-Tamil-English-Audio.htmld

५ दिसंबर २०१६ को भीमावरम् मे सुब्रमन्य शष्टि
५ दिसंबर २०१६ को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने पाठशाला के विद्यार्थियों को आन्द्र प्रदेश मे सुब्रमन्य शष्टि के अवसर पर आशीर्वाद दिया।अद्यापको को भी श्रद्देय स्वामीजी ने आशीर्वाद दिया।

६ दिसंबर २०१६ , मछिलीपट्टनम् मे श्रीमटम् कैंप
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी , ६ दिसंबर २०१६ को मछिलीपट्टनम् के शंकर मटम् पहुँचे। वेद विद्यार्थियों ने प्रात:काल पूज्यश्री आचार्यों के उपस्थिति मे वेद मंत्र जापा।

श्री देवी कामाक्षी मंदिर, दिल्ली में वार्षिक लक्षारचना
श्री देवी कामाक्षी मंदिर, दिल्ली में वार्षिक लक्षारचना, सोमवार २८ नवंबर २०१६ को प्रारंभ हुआ एवं शनिवार १० दिसंबर २०१६ को समाप्त होगा। लक्षारचना के अवसर पर सुबह शाम,सहस्रनाम अर्चना किया जायेगा। प्रातःकाल को शोदस तिथि नित्य होम किया जाएगा। पिछले वर्ष के ही समान ,संध्याकालीन समय श्री देवी कामाक्षी की विशेष अलंकार की जाएगी। इसका विवरण नीचे दिया गया है। कार्तिक मास पूर्णिमा(१३ दिसम्बर २०१६) प्रातःकाल, दस कलश एकवार रूद्र जप अभिषेक, तत्पश्चहात् दीपराधना एवं नववर्ण पूजा किया जाएगा। ११ दिसंबर २०१६ को लक्षारचना के समाप्ति के पश्चात् कार्तिक मास चण्डी होम किया जायेगा। १३ दिसंबर २०१६ ,मंगलवार को सर्वालय दीप है।

२९ नवंबर को यानम की यात्रा
श्रद्धेय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकरचार्या स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती शंकरचार्या स्वामीजी ने कार्तिक मास्य अमावास्या स्नान , यानम में किया जहाँ गोदावरी नदी एवं बंगाल की खाड़ी मिलते हैं।यानम , पुदुच्चेरी का हिस्सा है।श्रद्देय स्वामीजी समर्लकोटा से प्रात:काल निकले एवं ७.३० बजे तक यानम पहुँचे। श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत पुरोहित एवं भक्तजनों ने किया।अक्षय निधी डिपार्टमेट ने स्नान की व्यवस्था की थी। भक्तजनों ने भी स्वामीजी के साथ इस पुण्य स्नान मे भाग लिया। तत्पश्चात ,श्रद्देय स्वामीजी ने नदी तट पर शिवलिंग पूजा किया एवं उस लिंग को "चन्द्रँमौलीश्वर " नाम दिया। वहाँ के स्थानीय लोगों ने उस लिंग को श्रद्देय स्वामीजी के आशीर्वाद से प्रतिष्ठित करके यानम मे एक मंदिर बनाने का प्रस्ताव रखा है। श्रद्देय स्वामीजी उसके पश्चात् समरकोट मे श्रीमटम् कैंप वापस आए एवं पूजा किये।

२९ नवंबर को यानम की यात्रा
श्रद्धेय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकरचार्या स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती शंकरचार्या स्वामीजी ने कार्तिक मास्य अमावास्या स्नान , यानम में किया जहाँ गोदावरी नदी एवं बंगाल की खाड़ी मिलते हैं।यानम , पुदुच्चेरी का हिस्सा है।श्रद्देय स्वामीजी समर्लकोटा से प्रात:काल निकले एवं ७.३० बजे तक यानम पहुँचे। श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत पुरोहित एवं भक्तजनों ने किया।अक्षय निधी डिपार्टमेट ने स्नान की व्यवस्था की थी। भक्तजनों ने भी स्वामीजी के साथ इस पुण्य स्नान मे भाग लिया। तत्पश्चात ,श्रद्देय स्वामीजी ने नदी तट पर शिवलिंग पूजा किया एवं उस लिंग को "चन्द्रँमौलीश्वर " नाम दिया। वहाँ के स्थानीय लोगों ने उस लिंग को श्रद्देय स्वामीजी के आशीर्वाद से प्रतिष्ठित करके यानम मे एक मंदिर बनाने का प्रस्ताव रखा है। श्रद्देय स्वामीजी उसके पश्चात् समरकोट मे श्रीमटम् कैंप वापस आए एवं पूजा किये।

२५ नवंबर २०१६ को अन्नावरम् पाठशाला की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी , ने विशाखापत्तनम् से राजमुन्दरी जाते समय अन्नावरम् देवस्थान के "सीता सदन" मे रात्रि पड़ाव डाला।वहाँ श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत ,मंदिर के अर्चकों,पंडितों,चैरमेन एवं ई ओ ने किया। २५ तारिक को प्रात: काल, श्रद्देय स्वामीजी को पाठशाला बिल्डिंग बनाने के लिये निर्धारित स्थान दिखाया गया।चैरमेन,ई ओ एवं वास्तुकार ने ,श्रद्देय स्वामीजी को योजना का विवरण दिया एवं श्रद्देय स्वामीजी से आशीर्वाद लिया।श्रद्देय स्वामीजी तत्पश्चात् ,राजमुन्दरी के लिये निकल पड़े।

२४ नवंबर २०१६ को युनी की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती स्वामीजी , तुनी स्वामी के आश्रम गये।यह आश्रम ताण्डव नदी के तट पर तुनी शहर मे स्थित है। तुनी स्वामी ने श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत किया एवं आश्रम दिखाने ले गये।श्रद्देय स्वामीजी के दिव्य पादुकाओं का पाद पूजा किया गया।श्रद्देय स्वामीजी ने अनुग्रह भाषण दिया ।

२५ नवंबर २०१६ को अन्नावरम् पाठशाला की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी , ने विशाखापत्तनम् से राजमुन्दरी जाते समय अन्नावरम् देवस्थान के "सीता सदन" मे रात्रि पड़ाव डाला।वहाँ श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत ,मंदिर के अर्चकों,पंडितों,चैरमेन एवं ई ओ ने किया। २५ तारिक को प्रात: काल, श्रद्देय स्वामीजी को पाठशाला बिल्डिंग बनाने के लिये निर्धारित स्थान दिखाया गया।चैरमेन,ई ओ एवं वास्तुकार ने ,श्रद्देय स्वामीजी को योजना का विवरण दिया एवं श्रद्देय स्वामीजी से आशीर्वाद लिया।श्रद्देय स्वामीजी तत्पश्चात् ,राजमुन्दरी के लिये निकल पड़े।

२४ नवंबर २०१६ को श्रद्देय स्वामीजी की वैजाक स्टील प्लान्ट मे शिवालयम् की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,ने वैजाक स्टील प्लान्ट के अन्दर स्थित शिवालयम् को अनुग्रहित किया।श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत कारपरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया।उनके साथ सी एम डी श्री मधुसूदन भी थे।भक्तजनों ने कोलाट्टम् एवं भजन प्रस्तुत किया।श्रद्देय स्वामीजी ने मंदिर की प्रदक्षिना की एवं विशेष रूप से वहाँ मंदिर मे बनाया गये विभिन्न पौराणिक घटनाओं पर आधारित चित्रों को देखा।सभी स्थानों पर विशेष आरती की गयी। श्रद्देय स्वामीजी ने भक्तजनों को अनुग्रह भाषण एवं आशीर्वाद दिया।

२४ नवंबर २०१६ को पद्मशाली कम्यूनिटी हाल की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने नवनिर्मित पद्मशाली कम्यूनिटी हाल को अनुग्रहित किया।यह स्थान ,विशाखापत्तनम् मे शंकर मटम् के सामने ही स्थित है।श्रद्देय स्वामीजी ने भक्तजनों को अनुग्रह भाषण दिया।

श्रीमटम् कैंप का आन्द्र प्रदेश मे कार्यक्रम
१-३ दिसंबर- काकीनाड़ा ४-५ दिसंबर-अईभीमावरम् ६-७ दिसंबर-मछिलीपट्टनम् ८ दिसंबर-विजयवाडा ९-१० दिसंबर-ओंगोल ११-१४ दिसंबर-नेल्लूर १५ दिसंबर से तिरुपती


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